स्वच्छ भारत अभियान (क्लीन इंडिया कैंपेन)

रूपरेखा – 1- प्रस्तावना, 2- सफाई का महत्व, 3- अभियान के मुख्य कार्य, 4- जन भागीदारी और बदलाव, 5- उपसंहार  

प्रस्तावना

स्वच्छ भारत अभियान हमारे देश का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्वच्छता आंदोलन है। इस अभियान की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर की गई थी। गांधी जी का सपना था कि हमारा देश न केवल आज़ाद हो, बल्कि पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर भी बने। इस सपने को सच करने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने खुद हाथ में झाड़ू लेकर इस अभियान की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के हर गाँव, शहर, गली और नुक्कड़ को साफ सुथरा बनाना है।

सफाई का महत्व

हमारे जीवन में स्वच्छता का स्थान बहुत ऊँचा है, क्योंकि सफाई का सीधा संबंध हमारी सेहत से है। जिस प्रकार एक विद्यार्थी के लिए अनुशासन और देश के लिए वन (जंगल) ज़रूरी हैं, उसी प्रकार इंसानी जीवन को स्वस्थ रखने के लिए सफाई बेहद आवश्यक है। जहाँ गंदगी होती है, वहाँ मक्खी ,मच्छर और तरह-तरह की बीमारियाँ फैलती हैं। गंदगी के कारण हर साल लाखों लोग बीमार पड़ते हैं, जिससे उनका पैसा और समय दोनों बर्बाद होते हैं। यदि हमारा आस पास का वातावरण साफ रहेगा, तो बीमारियाँ दूर रहेंगी और लोग खुशहाल जीवन जी सकेंगे। 

अभियान के मुख्य कार्य

स्वच्छ भारत अभियान के तहत पूरे देश में बड़े पैमाने पर काम किए गए हैं। इसका सबसे पहला और बड़ा लक्ष्य देश को ‘खुले में शौच से मुक्त’ (ODF) बनाना था, जिसके लिए गाँवों और शहरों में करोड़ों शौचालयों का निर्माण किया गया। इसके अलावा, शहरों में कचरे के सही निपटारे (कचरा प्रबंधन) पर विशेष ध्यान दिया गया। अब हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग ,अलग इकट्ठा किया जाता है। स्कूलों और कॉलेजों में भी बच्चों को सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

जन भागीदारी और बदलाव

इस अभियान की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि यह सिर्फ सरकार का काम नहीं रहा, बल्कि एक जन-आंदोलन बन गया है। आज देश का हर नागरिक, चाहे वह बच्चा हो, बूढ़ा हो या जवान, इस अभियान का हिस्सा है। लोगों की सोच में एक बड़ा बदलाव आया है। अब लोग सड़कों पर या सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने से कतराते हैं। जगह,जगह डस्टबिन (कूड़ेदान) का इस्तेमाल बढ़ा है। स्कूल के बच्चों से लेकर बड़े बड़े कलाकारों और खिलाड़ियों ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। 

उपसंहार

निष्कर्ष के रूप में कहा जा सकता है कि स्वच्छ भारत अभियान ने हमारे देश की तस्वीर को बदलने का काम किया है। लेकिन सफाई कोई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह एक लगातार चलने वाली आदत है। जब तक देश का हर एक नागरिक पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने घर और आस-पास को साफ रखने का संकल्प नहीं लेगा, तब तक देश पूरी तरह स्वच्छ नहीं हो सकता। जैसे बिना भाईचारे के साम्प्रदायिकता को नहीं मिटाया जा सकता, वैसे ही बिना हमारी जागरूकता के देश को साफ नहीं किया जा सकता। स्वच्छ भारत से ही स्वस्थ भारत का निर्माण संभव है।