रूपरेखा – 1. प्रस्तावना, 2. यातायात के प्रमुख साधन, 3. सड़क के नियम एवं संकेत – (क) नियम, (ख) संकेत, 4. उपसंहार ।
प्रस्तावना :
सुरक्षित रहने के लिए सड़क के नियमों और निशानों (संकेतों) को मानना बहुत ज़रूरी है। अगर हम इन नियमों का ठीक से पालन करेंगे, तो सड़कों पर होने वाले हादसों से बच सकते हैं। आजकल सड़कों पर गाड़ियां बहुत बढ़ गई हैं। ऐसे में अगर लोगों को यातायात के नियमों की जानकारी न हो, तो खतरनाक दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इन हादसों में या तो इंसान की मौके पर ही मौत हो जाती है, या फिर वह हमेशा के लिए अपाहिज (विकलांग) हो जाता है। यह अपाहिजपन इंसान को जिंदगीभर उसकी लापरवाही या अज्ञानता की याद दिलाता रहता है। इसके बाद वह पूरी उम्र घुट घुट कर जीने को मजबूर हो जाता है।
यातायात के मुख्य साधन:
इंसान की तरक्की में आने जाने (यातायात) के साधनों का बहुत बड़ा हाथ है। पहिए की खोज से ही इंसान की तरक्की शुरू हुई। जैसे-जैसे इंसान की बुद्धि बढ़ी, उसने नए-नए साधन बनाए। पहले लोग ऊँट, घोड़े, खच्चर, ताँगे और बैलगाड़ियों से सफर करते थे। तब सफर में समय और पैसा दोनों बहुत ज्यादा लगता था। इसके बाद तेज चलने वाली गाड़ियां बनीं। सामान ढोने वाले ट्रक, मोटर साइकिल, स्कूटर, बस, ट्रेन और ट्राम जैसी गाड़ियां इंसान के दिमाग का ही चमत्कार हैं। पहले लोगों के पास साइकिल तक नहीं होती थी, लेकिन आज हर तरफ मोटर साइकिल और कारें दिखाई देती हैं। जैसे-जैसे लोगों की कमाई बढ़ी, उनकी चीजें खरीदने की ताकत भी बढ़ी और उन्होंने गाड़ियां खरीदना शुरू कर दिया। आज तो गाड़ियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि घर के हर सदस्य को अपनी अलग मोटर साइकिल या कार चाहिए। भले ही बच्चों को ठीक से कार चलानी न आती हो, फिर भी वे मोटर साइकिल या कार लेकर सड़कों पर निकल जाते हैं। इसका नतीजा खतरनाक एक्सीडेंट (दुर्घटना) होता है। नई टेक्नोलॉजी के बढ़ने से भी ये दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।
सड़क के नियम और संकेत:
नियम: जैसे-जैसे गाड़ियां बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे सड़क के नियम भी बढ़ रहे हैं और थोड़े कठिन होते जा रहे हैं। सड़क पर चलने के कुछ मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- हमें हमेशा सड़क के बाईं (Left) तरफ चलना चाहिए।
- पैदल चलने के लिए फुटपाथ का इस्तेमाल करें।
- सड़क पार करने के लिए ‘ओवर ब्रिज’ (पुल) या ‘जेब्रा क्रॉसिंग’ का इस्तेमाल करें।
- गाड़ी चलाते समय रेस (होड़) न लगाएं और दूसरों से आगे निकलने की जिद कभी न करें।
- आगे निकलने के लिए हॉर्न बजाएं, ताकि आगे वाला ड्राइवर आपको रास्ता दे सके।
- गाड़ी मोड़ते समय सही इशारा (इंडिकेटर) दें, क्योंकि अचानक गाड़ी मोड़ने से एक्सीडेंट हो सकता है।
- गाड़ी चलाते समय हमेशा सावधान रहें, क्योंकि ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।’
- सड़क पर लगे बोर्ड, निशानों और इशारों का हमेशा पालन करें।
संकेत:
सड़क पर चलने के लिए कुछ निशान और इशारे (संकेत) तय किए गए हैं। इनको मानकर हम हादसों से बच सकते हैं। आमतौर पर शहरों के चौराहों पर लाल, पीली और हरी बत्तियां (ट्रैफिक लाइट्स) लगी होती हैं। लाल बत्ती का मतलब है तुरंत रुक जाएं और जब तक वह जलती रहे, वहीं रुके रहें। पीली बत्ती का मतलब है चारों तरफ ध्यान से देखें और आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएं। हरी बत्ती का मतलब है अब आप आगे बढ़ सकते हैं। कभी-कभी जब ट्रैफिक बहुत कम होता है या बत्तियों में कोई खराबी आ जाती है, तो सिर्फ पीली बत्ती लगातार जलती-बुझती रहती है। इसका मतलब होता है कि सावधानी से देखकर आगे बढ़ें। इसी तरह, अगर आगे कोई मोड़ है, तो उसकी जानकारी कुछ दूर पहले ही सड़क के किनारे बोर्ड पर लिखी होती है। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल, रास्ता बंद होने या आगे आने वाले मोड़ के निशान भी ऐसे ही बोर्डों पर बने होते हैं। हमें इन सब पर ध्यान देना चाहिए। पुल और रेलवे फाटक के बोर्ड भी सड़क के किनारे लगे होते हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है।
उपसंहार (निष्कर्ष):
यातायात के नियमों और संकेतों को मानना पूरी इंसानियत के भले के लिए है। नियमों का पालन करने से हमारे समाज, राज्य और देश का भला होता है। इसी बात को ध्यान में रखकर ट्रैफिक पुलिस और राज्य का प्रशासन हर साल ‘यातायात नियम सप्ताह’ (Traffic Awareness Week) मनाता है। सड़क पर नियमों के बिना गाड़ी चलाना ही हादसों की वजह बनता है। इसलिए एक्सीडेंट से बचने के लिए सही स्पीड में और नियमों के साथ ही गाड़ी चलाएं। पहले गाड़ी चलाना अच्छी तरह सीखें, उसके बाद ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं। लगातार कोशिश (अभ्यास) ही सबसे बड़ी सीख है, इसलिए शांति से गाड़ी चलाने की प्रैक्टिस करनी चाहिए। गाड़ी चलाते समय उसकी स्पीड को काबू में रखना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे हादसे का खतरा कम हो जाता है। हमेशा होश में रहकर गाड़ी चलानी चाहिए, क्योंकि ‘दुर्घटना से देर भली’। सड़क के नियमों को मानने में कभी भी लापरवाही न करें। खुद तो ठीक से गाड़ी चलाएं ही, साथ ही सड़क पर चल रही दूसरी गाड़ियों से भी सावधान रहें, क्योंकि हो सकता है कि सामने वाला ड्राइवर गाड़ी चलाने में उतना माहिर न हो।
